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गुरुवार, 24 मार्च 2011

सोचिये कि किसी को गुमराह करने और बरगलाने पर किस तरह जबाब दिया जा सकता है ।

जब मैंने ब्लागिंग की शुरूआत की थी । उस समय उल्टे सीधे तर्कों यानी कुतर्कों द्वारा एक धर्म के कुछ ब्लागर्स हिन्दू धर्म और हिंदुत्व के प्रति अनर्गल तथ्यहीन और खोखला बेसिर पैर का प्रचार चरमसीमा पर कर रहे थे । मैंने इन्हें उत्तर देने के बारे में सोचा । पर उस समय मेरा उद्देश्य सन्तमत के गूढ दुर्लभ ग्यान के बारे में लोगों को बताना था । इसलिये मैंने विचार किया । ऐसा करने पर मैं लक्ष्य से भटककर व्यर्थ की बहस में उलझ जाऊँगा ।
पर मेरे दिमाग में एक बङे आश्चर्य को पैदा करने वाला सवाल था कि आखिर हिंदुओं में ऐसा कोई नहीं ?? जो इन दुष्प्रचार करने वालों को उचित जबाब दे सके । तव मेरे कुछ शुभचिंतकों ने मुझे कुछ ब्लाग्स और साइट के बारे में बताया । जो इस दिशा में अच्छा कार्य कर रहे हैं । आप भी देखिये इन ब्लाग्स को । और सोचिये कि किसी को गुमराह करने और बरगलाने पर किस तरह जबाब दिया जा सकता है ।



कुरान इन हिंदी 


भंडाफ़ोङू


वन्देमातरम


हर्फ़-ए-ग़लत-ll (उम्मी का दीवान)


मेरा भारत महान


महाजाल पर सुरेश चिपलूनकर 

5 टिप्‍पणियां:

ZEAL ने कहा…

शुभकामनायें ।

सञ्जय झा ने कहा…

BADHIYA PRAYAS......

SADAR.

जाट देवता (संदीप पवांर) ने कहा…

जाट देवता की राम राम,
छ: की छ: कहां से ढूंढ कर लाये । हम तो खुद ही चले आये । आप भी आओ व देखो ।

शालिनी कौशिक ने कहा…

rajeev ji
bahut achchhi jankari dee hai aapne.poora prayas rahega in blogs ko dekhne v inka anusaran karne ka.
aabhar..

शिखा कौशिक ने कहा…

Rajeev ji is blog par aapke yogdan ki jitni bhi sarahna ki jaye kam hai .sahyog banaye rakhen .dhnywad .sarthak post hetu badhai .