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रविवार, 7 अगस्त 2011

या खुदा दो पल की मोहलत और दे । उदास मेरी कबर से जा रहा है कोई - किरन रावत

शिखा जी अक्सर ही कहती हैं - राजीव जी ! हिन्दुस्तान के किसी भी कोने में देख लेना । लोग मेरी भलमनसाहत की तारीफ़ ही करते मिलेंगे । यह एकदम सही भी है । मैंने इनके खुद के कालोनी में जाकर देखा भी । लोग कितनीsss ? तारीफ़ करते हैं । इससे पहले इसी ब्लाग पर बता भी चुका हूँ ।
कल एक ब्लाग देखा । किरन रावत जी का । उन्होंने ब्लाग का नाम ही - बुरा जो देखन मैं चली । बुरा न मिलया कोय । जब दिल खोजा ( ब्लाग जगत में जब देखा ) आपना । .......कौशिक ? से ... न कोय ।
अब कोई इंसान इससे ज्यादा डायरेक्टली तो नहीं कह सकता ना ।
बच्चे भी शिखा जी से इतना प्यार करते हैं - ओ मम्मी रे ! छिका बुआ आ गयी । कहकर गोद में छुप जाते हैं । जीव मात्र ( पेट एनीमल एण्ड नान पेट एनीमल्स ) तो शिखा जी को इतना लव करते हैं । जैसे लंगूर को देखकर जो रियेक्ट बन्दर मामा जी करते हैं । बस आगे आप समझदार ही हो ।
..कमाल है । मेरे इतना समझाने पर भी आप शिखा जी को सही से न समझ पाओ । तो फ़िर...सबूत के लिये शालिनी जी से पूछ लेना । शालिनी जी ! यही कहेंगी - आफ़कोर्स शिखा से सभी प्रेम करते हैं ?
आईये अब शिखा पुराण को छोङकर किरन जी की बात करते हैं ।
ये है । किरन रावत जी का परिचय -


जींद । हरियाणा । भारत की रहने वाली सुश्री किरन रावत जी की हर बात ही निराली है । उनके बहुत कम शब्दों में जमाने भर का गम और सागर की सी गहराई छुपी हुयी है । मगर इसके बाद भी उसे हताशा या निराशा हरगिज नहीं कह सकते । देखिये - जो न समझ सके  उसके लिए पहेली हूँ । जो समझ ले  उसके लिए खुली किताब हूँ बेवफ़ाई की मजबूती भी - ये ज़रूरी नहीं हर कोई पास हो । क्योंकि जिंदगी में यादों के भी सहारे होते है । इसी तरह का अपने लिये भी उनका विचार है - अच्छी बुरी जैसी भी हूँ । अपने लिये ही हूँ । मैं खुद को नहीं देखती । औरों की नजर से । तारुफ़ के लिये इतना ही । वो रिश्ता छोङ देते हैं । जो रिश्ता आम होता है । आगे वे अपने बारे में और भी कहती हैं - I m very simple girl, strongly believe in relationships and friendships I also think that what goes around comes 


around. Life is short so don't hurt others and don't have hate in your life because we don't know what will happen tomorrow. इनका ब्लाग - बुरा जो देखन मैं चली ।  α яαу σƒ нσρє


और ये हैं । उनकी कुछ बेहतरीन रचनायें -


खुली किताब हूँ
मै अजनबी दुनिया में तनहा एक ख्वाब हूँ  । सवालों से खफा एक छोटा सा जवाब हूँ  ।
जो न समझ सके उसके लिए पहेली हूँ । जो समझ ले उसके लिए खुली किताब हूँ ।
लोग हर मोड़ पे रुक रुक के संभलते क्यों हैं । इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं ।
हूँ । न दिया हूँ । न कोई तारा हूँ । रोशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यों हैं ।
नींद से मेरा तालुक़ ही नहीं बरसों से । ख्वाब आ आ के मेरी छत पे टहलते क्यों हैं ।
मोड़ होता है जवानी का संभलने के लिए । फिसलते क्यों हैं ।
**********
मौत के बाद याद आ रहा है कोई । मिट्ठी मेरी कबर से उठा रहा है कोई ।


या खुदा दो पल की मोहलत और दे दे । उदास मेरी कबर से जा रहा है कोई ।
याद करते है तुम्हे तनहाई में । दिल डूबा है गमो की गहराई में ।
हमें मत ढूँढना दुनिया की भीड़ में । हम मिलेंगे में तुम्हें तुम्हारी परछाई में ।
दिल को हमसे चुराया आपने । दूर होकर भी अपना बनाया आपने ।
कभी भूल नहीं पायेंगे हम आपको । क्योंकि याद रखना भी तो सिखाया आपने ।
हर सागर के दो किनारे होते है । कुछ लोग जान से भी प्यारे होते है ।
ये ज़रूरी नहीं हर कोई पास हो । क्योंकि जिंदगी में यादों के भी सहारे होते है ।

10 टिप्‍पणियां:

smshindi By Sonu ने कहा…

आपके पास दोस्तो का ख़ज़ाना है,
पर ये दोस्त आपका पुराना है,
इस दोस्त को भुला ना देना कभी,
क्यू की ये दोस्त आपकी दोस्ती का दीवाना है

⁀‵⁀) ✫ ✫ ✫.
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..✫¸.•°*”˜˜”*°•.✫
☻/ღ˚ •。* ˚ ˚✰˚ ˛★* 。 ღ˛° 。* °♥ ˚ • ★ *˚ .ღ 。.................
/▌*˛˚ღ •˚HAPPY FRIENDSHIP DAY MY FRENDS ˚ ✰* ★
/ .. ˚. ★ ˛ ˚ ✰。˚ ˚ღ。* ˛˚ 。✰˚* ˚ ★ღ


फ्रेंडशिप डे स्पेशल पोस्ट पर आपका स्वागत है!
मित्रता एक वरदान

शुभकामनायें

smshindi By Sonu ने कहा…

बढ़िय शुक्रिया

sushma 'आहुति' ने कहा…

बेहतरीन प्रस्तुती....

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

Very Nice Post

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

!!मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये!!

शालिनी कौशिक ने कहा…

राजीव जी अच्छा हुआ की आपको समय मिल गया यहाँ आने का .पर आप कितने ही दिन गायब रह लें आपकी एक आदत तो गायब नहीं होती मैथ से मन चुराने की.मैंने आपसे कहा था की शिखा को १००%सभी प्यार करते हैं और आप अंग्रेजी के इतने पिछलग्गू हैं की यहाँ भी आफकोर्स कह गए.
आपकी खोज हमेशा की तरह बहुत अच्छी है लेकिन ये ढूँढने में आपने बहुत दिन लगा दिए और आपकी कटोरी देवी जी यहाँ हमारे कान खाए जा रही हैं वे कह रही हैं की आप उनके लिए भारतीय नारी ब्लॉग पर कुछ करते क्यों नहीं या यूँ ही नारी कल्याण का दम भरते हैं आप.

किरण रावत जी के ब्लॉग पर अभी जा कर ही देखेंगे और अपने विचार वहीँ बता कर आयेंगे.यहाँ तो आपकी तारीफ बहुत हो चुकी अब उनकी प्रशंसा उनके ब्लॉग पर ही होनी चाहिए न.

S.N SHUKLA ने कहा…

So nice post,
मित्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं .

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

आभार।

मित्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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ब्‍लॉगसमीक्षा की 27वीं कड़ी!
आखिर इस दर्द की दवा क्‍या है ?

शिखा कौशिक ने कहा…

very nice post .

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

राजीव जी आपकी प्रस्तुति लाज़वाब होती है, आप महारथी हैं इसमें शक नहीं बहुत ही सुन्दर शब्दों में सुन्दर ब्लॉग से परिचय कराया...आभार