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बुधवार, 22 जून 2011

राजे शा के अटपटे कम चटपटे विचार


एक हैं श्री राजे शा जी । बङी अटपटी बातें करते हैं । या शायद अटपटी मुझे लगती हों । वास्तव में बङी चटपटी बातें करते हों । देखिये ना । इतना सब कुछ होने के बाद पूछ रहे हैं -
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माय इंगलिश मै
मैं कौन हूँ ? मैं कौन हूँ ?? मैं कौन हूँ ???
अरे भाई ! राजे शा जी ! आप ही असली सूरमा भोपाली हो । और भोपाल में रहते भी हो ।
बङे कमाल के चुटकले सुनाते हैं । राजे शा जी । और मेरी तरह ग्यान ध्यान योग की बातें करते हैं । तब तो क्या खूब गुजरेगी । जब मिल बैठेंगे दीवाने ( बाबा ) दो
ये हैं राजे शा जी के अटपटे कम चटपटे विचार - सब जगह ही इतने अंधे बहरे लूले गूंगे यानि‍ वि‍कल अंग मि‍लते हैं कि‍ एक सही आदमी होने का अनुभव परेशान करता है । 
मैं साबुत आदमी की बातें कि‍ससे करूं ? रंगों की बात हो तो अंधा । शब्‍दों की बात करूं तो गूंगा । गीत के स्‍वरों की बात हो तो बहरा । मेरी‍ हर बात पर कोई न कोई नाराज हो ही जाता है । जि‍न्‍दगी की फि‍ल्‍म ही उलझी हुई है । जि‍तनी सीधी कर लें । उतना ही सुकून मि‍लता है । जि‍न्‍दगी के मल्‍टीप्‍लेक्‍स में कई फि‍ल्‍में एक साथ चलती हैं । 
माय मैथ्स मै


और इन्‍हें अलग अलग  समय में चैन से देखने लायक बनाने के लि‍ए दीवारें नहीं होती । एक फि‍ल्‍म का शोर दूसरी में सुनाई देता है । और समझ में बस ये आता है कि‍ इस जंजाल से नि‍कलने पर ही कोई उम्‍मीद कही होगी ।
 लेकि‍न बाहर भी सन्‍नाटों के सि‍वा कुछ हाथ नहीं  आता । खैर यही मेरी आपकी दुनि‍यां है । आप मेरा हि‍स्‍सा हैं । वैसे ही जैसे हाथ पैर आंख कान नाक सि‍र । 
तब अलग कैसे रहा जा सकता है । सवाल ही नहीं होता । इसलिये एक दूसरे को समझने के लि‍ए बात तो करनी ही होगी ।
राजे जी ने एक प्रश्न भी पूछा है । मगर अंग्रेजी में । देखिये - Do you believe that forks are evolved from spoons ?
अब आप लोग तो जानते ही हैं । मेरी हिंदुस्तानी इंगलिश इंटरनेशनल लेवल की है । अतः थोङा डाउन लेवल की सीखने के लिये मैंने शिखा जी को टयूटर रखा हुआ है । 
बह अलग बात है कि शिखा जी मुझे टयूट करते हुये खुद दस बार डिक्शनरी यूज करती हैं । और  you माने हम और we मीन्स तुम बताती हैं । come  मीन्स जाना और go मीन्स आना सिखाती हैं । 
अतः अपनी टयूटर के सिखाये अनुसार जब तक मैं इस प्रश्न को पहले पढ समझकर आपको बताऊँ । तब तक प्लीज नो वेट ।
ब्लाग - हँसना मना है जे कृष्‍णमूर्ति इन हि‍न्‍दी । 
योग मार्ग अजनबी
चलते चलते - जो हमारे बहन भाई । भैया भाभी । चाचा चाची । बाबा दादी आदि आदि कुरआन पाक को हिन्दी में पढना चाहते हों । 
उनके लिये एक बेहतर लिंक -
कुरआन हिन्दी में

7 टिप्‍पणियां:

RAJEEV KULSHRESTHA ने कहा…

very nice post shikha ji

शालिनी कौशिक ने कहा…

bahut khoob shikha ji ,ab kya karen sab kam aapko hi karna hoga jab rajeev ji to har waqt dhyan lagaye baithe rahenge.
vaise aap unhe english ki jagah sanskrit sikhayen kyonki jo kam ve karte hain usme vahi bhasha bolte achchhe lagte hain -kaha na ati sundaram.

शिखा कौशिक ने कहा…

Rajjev ji aapke dwara prastut post sarahniy hai kintu isme Shikha v shalini ji ki photo kyon chipka di hain .aabhar .

रेखा ने कहा…

राजे शा हैं तो चटपटे ..

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

आपने सचमुच एक अच्छी चर्चा की।
यह ब्लॉग तरक्क़ी करेगा।
ऐसी आशा है।

RAJEEV KULSHRESTHA ने कहा…

shalini ji shikha ji ki english fees hi bahut adhik hai . tab 2 subject ki to bahut jyada hogi .
aap logon ki foto ke neeche my maths maim and english maim likha hua hai
shayad aapne dekh nahi payaa
shikha ji vakai kabile taarif kam kar rahi hain

बेनामी ने कहा…

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