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मंगलवार, 6 दिसंबर 2011

अंदाज ए मेरा: एक और एक ग्‍यारह.......

अंदाज ए मेरा: एक और एक ग्‍यारह.......: एक पुरानी कहावत है एक और एक ग्‍यारह होते हैं। इसका आशय यह है कि जो काम एक व्‍यक्ति नहीं कर सकता उसे एक से ज्‍यादा लोग मिलकर कर सकते है...

4 टिप्‍पणियां:

शिखा कौशिक ने कहा…

bahut achchhi post .aabhar

sushma 'आहुति' ने कहा…

behtreen post.........

shashi purwar ने कहा…

very true .......:)

dheerendra ने कहा…

अतुल जी,...
जो भी कहावते बनी है उसमे अनुभव का आधार
एवं सच्चाई होती है,..सुंदर पोस्ट ..