अभी मैंने एक ब्लॉग देखा और ज्यादा हल्ला गुल्ला करना मेरी आदत नहीं है किन्तु क्या करूं बिना शोर मचाये आज के समय में किसी के कान भी तो नहीं खुलते हैं.शायद यही कहना चाह रहे हैं रजनीश जी
शहीदों को तो हम क्या देंगे किन्तु उनके प्रति अपने मन में सम्मान की भावना भी हम खो देंगे तो इससे शहीदों की आत्मा को कितना दुःख होगा किन्तु ये हम नहीं सोचते हैं और यही अहसान फरामोशी कुछ देशभक्तों को अन्दर तक दुःख पहुंचाती है.अपने ब्लॉग के माध्यम से रजनीश जी हमारी आत्मा को अन्दर तक झकझोरने की कोशिश में हैं देखते हैं की आखिर वे अपनी पोस्ट से इस दिशा में कहाँ तक सफलता अर्जित करते हैं.आप यदि अपने देश से प्यार करते हैं और अपने देश पर मर मिटने वाले देशभक्तों के प्रति सम्मान रखते है तो नीचे दिए गए url पर जाकर रजनीश जी का हौसला अवश्य बढ़ाएं.
प्रस्तुति-शालिनी कौशिक
