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गुरुवार, 29 मार्च 2012

BRIJENDRA SINGH'S BLOGS

  BLOG'S NAME -मृगतृष्णा



BLOG'S OWNER NAME- Brijendra Singh... (बिरजू, برجو)


मेरा फोटो
                         
लिंगपुरुष
स्थानAgra / Mumbai., UP / Maharashtra., भारत
रुचिMusic, Theater, writing, cricket....etc
पसंदीदा मूवी्सInvictus, Remember the Titans, All Movies of Hrishikesh Mukharjii, Catch me if u can,Cast Away, Into the Wild, Forest Gump, Oldboy, Andaz Apna Apna..and many more.
पसंदीदा संगीतIndian folk
पसंदीदा पुस्तकेंIt changes rapidly. Till now.. "TRAIN TO PAKISTAN" by Khushwant Singh.

                         RECENT POST -  मृगतृष्णा

रूहें कुछ सपनों की

खुरच के देखो
गुज़रे वक़्त को,
कुछ लाशें मिलेंगी सपनों की,
रूहें इनकी-
कुछ सवाल करती हैं,
जिनका कोई जवाब नहीं
बस
एक मायूस दिल है..
ये रूहें मरे सपनों की
सताती रहेंगी,
जब तलक
मेरी रूह भी
इनमें मिल नहीं जाती..


RECENT POST- A Poet's Fantasy-


Again, it is the day, 
the time
it is the moment,
Again, feeling your fragrance
and your influence,
in the room..
like always
have saved some tears
from all the sorrows 
and all the happiness of the year..
have to clean the dust
on the portrait of your memories,
in this moment,
again...



MY VIEW- EVERY POST ON HIS BLOG TOO GOOD .YOU SHOULD VISIT HIS BLOGS .
                                                         HAVE A NICE DAY
                                                              SHIKHA KAUSHIK







        

मंगलवार, 27 मार्च 2012

मैं भूत बोल रहा हूँ..........!!



      मैं भूत बोल रहा हूँ..........!!

      कहते हैं एक राजा हुआ,और एक बार उसके दरबार में तीन ऐसे चोर एक साथ लाये गए,जिन्होंने एक ही तरह की चोरी की थी,मगर राजा ने तीनो को ऊपर से नीचे देखते हुए तीन प्रकार के दंड दिए तब उसके एक मंत्री ने इसका कारण पूछा तो राजा के कहे-अनुसार उन तीनों सजा पाए हुए चोरों का पीछा किया गया और तब यह पाया गया कि जिसे सबसे कम सजा मिली थी उसने रात ही आत्महत्या कर ली,दूसरा,जिसे थोड़ी ज्यादा सजा मिली,उसने खुद को एकांत में कैद कर लिया था मगर सबसे ज्यादा सजा जिसे मिली थी वह अब भी लोगों के बीच बोल-हंस-बतिया रहा था !!इस प्रकरण से लोगों को अपने प्रश्नों का उत्तर और राजा के न्याय की तर्कसंगतता का प्रमाण भी मिल गया !!
       मगर उपरोक्त उदाहरण के परिप्रेक्ष्य में आज के दौर को परखें तो हम पाते हैं कि हर कोई वह तीसरा चोर बनने को ही आतुर-आकुल-व्याकुल है और उसे इस बात की तनिक भी परवाह नहीं कि समाज तो समाज,कोई भी बन्दा उसके बारे में क्या सोचता-समझता और कहता है !!अपनी अंतहीन वासना में रत हर कोई गोया एक-दुसरे पर चिल्ला रहा है मगर उसे अपना गिरेबान नज़र नहीं आ रहा है ,इधर सारे पत्र-पत्रिकाएं अपने सम्पादकीय और अन्य स्तंभ काले-पर-काले किये जा रहे हैं,बरसों-बरस से तरह-तरह के हज़ारों-हज़ार घोटालों-गबन और तमाम तरह की मक्कारियों-बेईमानियों पर चौक-चौराहों-गली-नुक्कड़-कैंटीन-दफ्तर-घर-बाहर-फुटपाथ-सेमीनार-गोष्ठियों से लेकर संसद-विधानसभा तक में चर्चा पर चर्चा और निंदा पर निंदा हुई जा रही है मगर परिणाम...??टायं-टायं-फीस !!
        ये तीसरी तरह का चोर आज हर कहीं काबिज है और कोई कितना भी हल्ला करे या शोर मचाये या अनशन करे या आंदोलन मगर कहीं कुछ होने की संभावना ही नहीं...क्यूंकि चोर ही जब शोर मचाने लगते हैं तब सच-और झूठ फ्रेम से गायब हो जाते हैं और सब एक-दुसरे को पकड़ने-कूतने-धकियाने-लतियाने की कवायद और नौटंकी करने लगते हैं और इस नौटंकी का कभी कोई परिणाम नहीं निकलने को जब जब लीडर का चरित्र राष्ट्रीय तो क्या बचा...निजी चरित्र भी खत्म हो चुका है !!  

मंगलवार, 20 मार्च 2012


BLOG's NAME-        आरोही


BLOG OWNER- DR.RADHIKA B. SHE IS A PERFORMING ARTIST .

BLOG'S URL-http://aarohijivantarang.blogspot.in


I LIKE THIS POST ON HER BLOG -जीने की वजह .........


वैरी गुड morning .....

कभी कभी सुबह की पहली किरण हमारे घर के दरवाजे की घंटी बजाकर हमारे हाथ में कुछ तोहफे दे जाती हैं ...
सुंदर ..सलोने चमकदार कागज़ के एक लिफाफे में बंद होती हैं हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी चाहत ...हमारी खुशियाँ ..
लिफाफा खोलते ही स्वर्णिम किरणों सी हमारी हथेलियों में समां जाती हैं और कहती हैं ..जिंदगी बड़ी खुबसूरत हैं ...बड़ी अनोखी ..

 

                                                             PLEASE VISIT .HAVE A NICE DAY .
                                                                           SHIKHA KAUSHIK 


शनिवार, 17 मार्च 2012

BLOG'S LINKS

TODAY I HAVE COME WITH LOT OF BLOG'S LINKS .VISIT THESE BLOGS AND ENJOY -
मनसा वाचा कर्मणा 


!! लाल और बवाल --- जुगलबन्दी !!




                                           
                                     HAVE A VERY NICE DAY 
                                               SHIKHA KAUSHIK 

गुरुवार, 15 मार्च 2012

Buniyad : अरब और हिंदुस्तान का ताल्लुक़

डा. अनवर जमाल ख़ान  
अरब और हिंदुस्तान का ताल्लुक़ आज से नहीं है बल्कि पहले दिन से है, इस बात को वही लोग जानते हैं जो कि तत्व को जानते हैं।
इस बात को यह ब्लॉग बताता है . डा. अनवर जमाल ख़ान  का अर्थात हमारा कहना है कि हम सब एक हैं और यह कि हम सबको प्यार मुहब्बत के साथ रहना चाहिए क्योंकि हम सब एक परिवार हैं और हमारा तीर्थ भी एक ही है और हमारा मालिक भी सिर्फ और सिर्फ एक है.
हमने काबा के इमाम डा. शैख़ अबू इब्राहीम अलसऊद का भाषण सुना जो कि अरबी में था और फिर उर्दू में भी उसका अनुवाद करके बताया कि उन्होंने यह कहा कि मुसलमान दीन की दावत का काम करें और लोगों के साथ नरमी का बर्ताव करें चाहे उनका अक़ीदा कुछ भी हो।
इस मौक़े पर इमामे हरम ने पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद साहब स. की ज़िंदगी का एक वाक़या बताया कि मदीने की उनकी मस्जिद में एक आदमी आया और उसने वहां  पेशाब करना शुरू कर दिया। पैग़ंबर साहब के साथियों ने उसे रोकना चाहा तो आपने उन्हें रोक दिया और जब वह पेशाब कर चुका तो उस जगह को पानी मंगा कर धो दिया।
उनके इस बर्ताव से वह आदमी बहुत प्रभावित हुआ और उसकी ज़िंदगी उस दिन के बाद से पूरी तरह बदल गई।
 
काबा वह पहला घर है जो मालिक की इबादत के लिए बनाया गया है। इसे हज़रत आदम अलैहिस्सलाम ने सबसे पहले बनाया था। आदम अलैहिस्सलाम को स्वयंभू मनु कहा जाता है। जब उनके बाद जल प्रलय आई तो उसका असर इस घर पर भी पड़ा था। इसके बाद हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने आज से लगभग 4 हज़ार वर्ष पहले काबा की जगह पर कुछ दीवारें ऊंची की थीं। छत वह डाल नहीं पाए क्योंकि तब यह इलाक़ा बिल्कुल निर्जन था। उन्होंने वहां अपने बेटे हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम को उनकी मां के साथ आबाद किया। उस समय उस घर में कोई मूर्ति वग़ैरह न थी। बस उस पैदा करने वाले मालिक को ही पूजा जाता था। तब हिंदुस्तान से भी लोग वहां जाते थे। मक्का को भारतीय लोग मख के नाम से जानते हैं। यज्ञ के पर्यायवाची के तौर पर ‘मख‘ शब्द भी बोला जाता है जैसा कि तुलसीदास ने विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा हेतु श्री रामचंद्र जी के जाने का वर्णन करते हुए कहा है कि
*प्रात कहा मुनि सन रघुराई। निर्भय जग्य करहु तुम्ह जाई॥
होम करन लागे मुनि झारी। आपु रहे मख कीं रखवारी॥1॥
भावार्थ:-सबेरे श्री रघुनाथजी ने मुनि से कहा- आप जाकर निडर होकर यज्ञ कीजिए। यह सुनकर सब मुनि हवन करने लगे। आप (श्री रामजी) यज्ञ की रखवाली पर रहे॥1॥

‘मख‘ शब्द वेदों में भी आया है और मक्का के अर्थों में ही आया है। यज्ञ को यज भी कहा जाता है। दरअस्ल यज और हज एक ही बात है, बस भाषा का अंतर है। पहले यज नमस्कार योग के रूप में किया जाता था और पशु की बलि दी जाती थी। काबा की परिक्रमा भी की जाती थी। बाद में यज का स्वरूप बदलता चला गया। हज में आज भी परिक्रमा, नमाज़ और पशुबलि यही सब किया जाता है और दो बिना सिले वस्त्र पहने जाते हैं जो कि आज भी हिंदुओं के धार्मिक गुरू पहनते हैं।
क़ुरआन ने यह भी बताया है कि मक्का का पुराना नाम बक्का है , 
मक्का का ज़िक्र बाइबिल में इसी नाम से आया है। देखिए किताब ज़बूर 84, 4 व 6
बाइबिल में यहां मक्का का नाम ‘बक्का‘ बताया गया है। 
‘बक्का‘ का अर्थ है रूलाने वाला। जो यहां आता है, वह यहां से वापस नहीं जाना चाहता और जब उसे लौटना पड़ता है तो वह रोता है। ‘बुक्का‘ शब्द उर्दू हिंदी में रोने के अर्थों में आज भी प्रचलित है।
संस्कृत में रूलाने वाले को रूद्र कहा जाता है। वेदों में कई रूद्रों का ज़िक्र आया है उनमें से एक मक्का है।
ऋग्वेद 5,56,1 में मरूतगण को रूद्र के पुत्र कहा गया है।
मरूतगण का अर्थ मरूस्थलवासी है।
इन मरूतगणों की वेदों में बहुत प्रशंसा आई है और इन्हें इंद्र से भी ज़्यादा महान कहा है।
यह सब बातें हमें याद हो आईं जैसे ही हमें पता चला कि देवबंद में काबा के इमाम डा. शैख़ अबू इब्राहीम अलसऊद तशरीफ़ ला रहे हैं। 
See  :

अरब और हिंदुस्तान का ताल्लुक़- 1

 Picture _
This was historic day in Deoband. The Imam of Ka'ba, Shaikh Abu Ibrahim Sa'ud ibn Ibrahim ibn Muhammad ash-Shuraim visited Darul Uloom Deoband today on 4 March 2012 Sunday.
He arrived in Darul Uloom Deoband via helicopter and landed here around 1 O'clock. Mufti Abul Qasim Nomani presented him Words of Thanks in the grand Jama Rashid and welcomed him in Deoband.

 

 
 

NEW BLOG LINK-'ITNI SI BAAT''

  I HAVE COME HERE WITH A NEW BLOG LINK .THIS IS HERE -
My Photo
An editorial cartoonist,based in New Delhi,India.Do 2-3 cartoons a day. Has worked as staff cartoonist with Nav Bahrat Times,The Economic Times,The Financial Express,The Asian Age and conributed for TIME magazine's chief cartoonist Ranon R. Lurie's Cartoon News and Far Eastern Economic Reveiw of Hong Kong One of the Best cartoonists of Asia from Japan Foundation and represented India in Tokyo in 2005 in Japan .Got sentenced by Delhi High Court for 4 months for making a cartoon on formar Chief Justice of India in 2007.Daily pocket cartoon DARASAL comes in JANSATTA daily of India Express Group and Lokmat Samachar .

BLOG'S NAME -''ITNI SI BAAT''

RECENT POST -ab rahul gandhi aise nahi soyenge !
 

MY VIEW- NOT ONLY GOOD ...THIS IS TOO......GOOD .MY BEST WISHES WITH IRFAN JI .MAY GOD GIVE YOU SUCCESS IN YOUR LIFE AND BLOG WORLD .
                                                   HAVE A NICE DAY 
                                              SHIKHA KAUSHIK 

बुधवार, 14 मार्च 2012

some new blog's links

some new blog's links are here .please visit -


SaVe FeMaLe Child! बेटी बचाओ 



उठो !जागो! 


Flax Awareness Society 


मधुमेह उपचारशाला 


Janpath 
                                      shikha कौशिक 

अंदाज ए मेरा: एक अनोखी चिडिया

अंदाज ए मेरा: एक अनोखी चिडिया: ''एक ऐसी चिडिया जो स्‍कूल जाती है। प्रार्थना में शामिल होती है। पढाई करती है। मध्‍यान्‍ह भोजन करती है। बच्‍चों के साथ खेलती है।'' इस चिडिया ...